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क्या है मसाला चाय

दुनिया भर में गरमा गरम चाय के शौक़ीन लोगो की कई नहीं है । ज़्यादातर लोगों के दिन की सुरुवात ही चाय से होती है। पानी जे बाद चाय ऐसा पेय पदार्थ है जो दुनिया में सबसे ज़्यादा पिया जाता है। शुरू में चाय केवल सर्दियों में दवाई कि तरह पी जाती थी। इसे रोज़ा पीने की परंपरा भारत में ही शुरू हुयी। भारत में सर्व प्रथम चाय का बहुतायन प्रचलन ब्रिटिश शासन काल में ब्रिटिशों द्वारा ही हुआ था।

कहने जाता है की १५०० से  ज़्यादा प्रकार की चाय होती है जिसमे काली हरी पीली  चाय काफी प्रचलित है। लेकिन आजकल सबसे ज़्यादा लोग प्रिय चाय मसाला चाय ही है ।
मसाला चाय एक सुगंधित पेय पदार्थ है जिसमें बहुत मसालों की खुशबु और ओषधिया गुण होते है। मसाला चाय को बनाने केलिए आद्रक इलायची दालचीनी सौंफ काली मिर्च और लॉन्ग अदिमसाले इस्तेमाल किये जाते  है। चाय हर जगा  अलग अलग मसलों के साथ विभीन्न रूप से बनाई जाती है।मसाले , चाय को सुखदायक बनाने और ताज़ा स्वाद प्रादान करने का काम करते  है।
मसाला चाय प्रचीन आयुर्वेदसे उतपन्न हुई है ।सुगंधित गर्म और मीटा पेय होने के अलावा कई स्वस्थ्य लाभों केलिए भी जानी जाती है, मसाला चाय। मसाला चाय में अनगिनत ओषधिया गुण होते  है जो सदियों से लोकप्रिय रहे है।
मसाला चाय के फायदे कई सामान्य और गंभीर बीमारियों को दूर करने केलिए जाने जाते है। कई प्रकार के मसालों का उपयोग करके इसे बनाया जाता है इसीलिए इसे मसाला चाय नाम दिया गया है। मसाला चाय का उपयोग ऊर्जा को बटाने प्रतिरक्षा शक्ति सुधारने पाचन तंत्र को टीक रकने रक्त चाप को नियंत्रित करने और कैंसर आदि को टीक रकने केलिए उपयोग किया जाता है।

एक नज़र मसाला चाय के स्वस्थ्य लाभ और ओषधिया प्रयोगों पर:

१. मसाला चाय  पाचन शक्ति बढाती है :

मसाला चाय पाचन शक्ति को बटाकर सभी प्रकार के पाचन विकारो को नष्ट करने में मदद  करती है। मसाला थे में जो समग्रि इस्तेमाल होते है वह पाचन सम्बंदित समस्यावों में फायदेमंद होते है । मसाला चाय में जो अदरक है पेट केलिए सुखदायक देता है।  लोंग और काली मिर्च अग्न्याशय में पाचन एंजाइमों के स्राव को बड़ाकर पाचन प्रक्रिया को बड़ाने में मदद करते है। दालचीनी दस्त को रोककर पेट को शांत और टंण्डा  रकता है। पिप्पली आमाशय रस और पाचन को संतुलित रकने में मदद करती है। इसीलिए भोजन के बाद मसाला चाय का सेवन पाचन बूस्टर के रूप में काम कर सकता है।

२ मसाला चाय —  सूजन केलिए :

मसाला चाय में जो एंटी इंफ्लेमेटरी यानि सूजन को कम करने वाले गुण होते है दवा के रूप में उपयुक्त होते है । विभिन्न अध्ययनों के अनुसार अदरक नो मसाला चाय  में होते है हर्बल विकल्प के रूप में  एंटी इंफ्लेमेटरी दवा केलिए इस्तेमाल किया जा सकता है । यह ज़्यादातर गट्टिया से जुड़े सूजन के उपचार में प्रयोग किया जाता है । लोन्ग  में जो यूजनोल होते है यह भी सूजन से राहत देने में मदद करता है। सूत्रों के अनुसार दालचीनी में भी एंटी इंफ्लेमेटरी  गुण पाया जाता है  और यह सब मसाला मिलकर सूजन को कम करने की क्षमता बढ़ाती है ।

३ मसालेदार चाय दिलाये सर्दी खासी से राहत :

मसाला चाय में उपयोग होने वाले मसाले जैसे अदरक काली मिर्च दालचीनी आदि इम्युनिटी को मजबूत करने में मदद करते है।  मसाला चाय में मौजूत अदरक और इलायची प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाकर सामान्य बीमारी जैसे सर्दी खासी को दूर करने में मदद करते है।

४. मसाले वाली चाय कैंसर के उपचार में फायदेमंद:

माना जाता हैं की मसाला चाय में शक्तिशाली  एंटीऑक्सिडेंट्स होते है जो मुक्त कानों द्वारा कोशिकावों और ऊतकों की क्षति को रोकने में मदद करते है। मसाला चाय में अदरक इलायची दालचीनी काली मिर्च आदि होते है नो इसके एंटी ऑक्सीडेशन  महत्त्व को बटाते है। इसी कारण मसाला चाय कैंसर के उपचार में भी मदद करती है। अदरक  कोलोरेक्टल कैंसर के विरुद्ध शरीर की सुरक्षा करता है और टिंबग्रंथि के कैंसर  का उपचार  करने में मदद करता है । इलायची में भी एंटी ऑक्सीडेशन  गुण होते है जो नॉन मेलेनोमा या त्वचा के कैंसर को रोकने में मदद करते है।

५ हृदय समस्या केलिए मसाला चाय का उपयोग :
मसाला चाय रक्त चाप ओके कम करने में भी मदद करती है जिससे शरीर को हृदय की समस्या से दूर रखा जा सकता है। काली मिर्च में जो पिपरिने मौजूत है एक एंटी ऑक्सीडेंट है जो कोशिकावों और ऊतकों में ऑक्सीडेटिव क्षति को रोककर हृदय को स्वस्थ्य सकता है।

मसला  चाय में जो दालचीनी है यह भी हृदय का बचाव करने में फायदेमंद  मने जाते है।

६ दर्द निवारण केलिए मसाला चाय का उपयोग:

मसाला  चाय मे मौजूत अदरक और दालचीनी हार्मोनल असंतुलन को संतुलित करने में मदद करते है और पि एम् अस से जुडी दर्द और असुविधा को कम करके आराम दिलाते है।

७ .मधुमेह में भी फायदेमंद मसाला चाय:

मसाला चाय  में जो मसाले उपयुक्त  होते है जैसे कि काली मिर्च आदि, रक्त शर्करा  या मधुमेह के स्तर को नियमित करने में मदद करते है। मसाला चाय टाइप २ मधुमेह को आने से भी रोकती है ।

८ मसाला चाय से  गटाईये  वज़न :

सामान्य चाय के स्थ्गन   पर मसाला चाय का सेवन करने से वज़न कम कर सकते है। शरीर में जमा अतिरिक्त वज़न को कम करने में मसाला चाय  मददगार होता है ।इसके पोषक तत्व भूक को नियंत्रित  सकते है।अध्ययनों के अनुसार ३ कप मसाला चाय का सेवन किया जाता तो यह पेट में चर्भी को बटाने से रोक सकता है। इसलिए अपने अच्छे स्वस्थ्य केलिए मसाला चाय को अपने दैनिक आहार में शमिल कर सकते है ।

ओषधिया गुणों से भरपूर मसाला चाय  के फायदे  महिलावो केलिए भी होते है।इसके पोषक तत्व नज़ो और मांसपेशियों ओर शीतलन प्रभाव डालते है। एनर्जी को बड़ाने और शरीर के चयापचय में वृद्धि लाने  में भी मसाला चाय  फायदेमंद  पाए गए है। गुणों का भण्डार मसालाचाय मानव जाती को स्वस्थ्य  रकने में अहम् भूमिका निभाती है। ओषधिय लाभ प्राप्त करने केलिए पारम्परिक चाय  के स्तान पर मसाला चाय  का उपयोग कर सकते है। इस तरह से मसाला चाय मानव स्वस्थ्य केलिएबेहड़ फायदेमंद  और प्रभावी होती है।
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